aadhi aabadi

  • Jun 2 2017 12:26PM

स्टार्टअप से दीदियों को सहायता

स्टार्टअप से दीदियों को सहायता
नव उद्यमिता को बढ़ावा देते हुए अधिकतम रोजगार सृजन लक्ष्य की प्राप्ति के लिए स्टार्टअप इंडिया की शुरुआत हुई. इसी लक्ष्य को शत-प्रतिशत प्राप्त करने और गांव-गांव तक इसका लाभ दिलाने के उद्देश्य से स्टार्टअप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम को अमलीजामा पहनाया गया. झारखंड के गांवों में भी जेएसएलपीएस से जुड़ कर एसवीइपी यानी (startup village entrepreneurship programme- SVEP) गरीब परिवारों को आर्थिक सहायता व प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश की जा रही है.

एसवीइपी की ओर से अति गरीब व गरीब परिवारों की दीदियों को आर्थिक सहायता व प्रशिक्षण दे कर आजीविका के लिए प्रेरित व गरीबी दूर करने में मदद बन रही है. वैसे सखी मंडल की अन्य दीदियां, जो अब तक इस कार्यक्रम से नहीं जुड़ी हैं, उन्हें आजीविका के माध्यम से प्रशिक्षण लेना होगा. प्रशिक्षण के दौरान दीदियों को कई पहलुओं के बारे में बताया जायेगा, ताकि उन्हें इस प्रशिक्षण का लाभ मिल सके. अपने आजीविका के लिए ऋण संबंधी जानकारी भी विस्तार से दी जायेगी.

साथ ही सलाना ब्याज की दरें और अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए एमइसी का भी सहयोग मिलेगा. सखी मंडल की दीदियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से महेशपुर आजीविका ग्राम संगठन में कार्यक्रम आयोजित हुआ. इस दौरान एसवीइपी से मिलनेवाले लाभ, कलस्टर से ग्राम संगठन और ग्राम संगठन से सखी मंडल तक मिलनेवाले सहयोग की विस्तार से जानकारी दी गयी.

वर्तमान समय में गांव के लिए उद्यमिता कितना मायने रखता है, यह इसी बात से समझा जा सकता है कि महेशपुर आजीविका ग्राम संगठन के कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों ने अपने-अपने सखी मंडल की दीदियों को आजीविका के बारे में बताया, तो खुद को मजबूत करने के उद्देश्य से कई दीदियां सहर्ष तैयार हो गयी. इतना ही नहीं, अपनी-अपनी आजीविका शुरू करने संबंधी आर्थिक सहायता के लिए प्रस्ताव लिख कर ग्राम संगठन में जमा कराया गया. दीदियों के इन प्रस्तावों को ग्राम संगठन से कलस्टर तक वीओए के द्वार पहुंचाया गया.
 
 
रूबी खातुन
प्रखंड: अनगड़ा
जिला : रांची