aadhi aabadi

  • Jun 2 2017 12:24PM

सखी मंडल की बहनें अब करेंगी औषधीय पौधों की खेती

सखी मंडल की बहनें अब  करेंगी औषधीय पौधों की खेती
भारत अपनी विभिन्न पारिस्थितिक स्थिति, समृद्ध नस्लीय विविधता और विशाल पारंपरिक ज्ञान के आधार में जैव विविधता के खजाना का घर है, जिसमें 16 कृषि जलवायु क्षेत्रों और 45,000 विभिन्न पौधों की प्रजातियां और बोटैनिकल गार्डन शामिल हैं. लगभग 10,000 हर्बल दवाओं के फार्मूलों में 8,000 से अधिक प्रजातियां उपयोग की जाती है. झारखंड भारत में संभावित प्राकृतिक संसाधन राज्य है. राज्य में 1500 से अधिक औषधीय और सुगंधित प्रजाति पाये जाते हैं, जो देश में हर्बल औषधीय उपज के कुल उत्पादन का पांच फीसदी योगदान करती हैं.

जेएसएलपीएस राज्य में आजीविका के संदर्भ में विभिन्न पहलुओं पर काम कर रहा है. इसके अंतर्गत झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी, ग्रामीण विकास विभाग द्वारा औषधीय पौधों और नॉन टिम्बर फारेस्ट प्रोड्यूस के उत्पादन पर परियोजना संबंधी कार्यशाला राजधानी रांची के कैपिटाल हिल में 15 मई को आयोजित हुआ. दीनदयाल अंत्योदय योजना -आजीविका मिशन के तहत महिला किसान सशक्तीकरण परियोजना में औषधीय पौधों पर कार्य करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा विशेष प्रोजेक्ट आवंटित किया गया है.

परियोजना के लॉंचिंग कार्यशाला में झारखंड में औषधीय पौधों के उत्पाद एवं परियोजना क्रियान्वयन पर विशेष तौर पर चर्चा की गयी. कार्यशाला में बतौर मुख्य अथिति ग्रामीण विकास विभाग के विशेष सचिव सह जेएसएलपीएस के सीइओ परितोष उपाध्याय ने परियोजना की  जानकारी देते हुए बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण गरीब महिला किसानों को आजीविका के नये-नये माध्यम से जोड़ कर उनकी आय वृद्धि कर उन्हें सशक्त बनाना है. 

परियोजना के तहत आजीविका सखी मंडल की दीदियों को विधिवत तरीके से औषधीय  पौधों जैसे- तुलसी, हर्रे, बहरा, ओनला, कालमेघ, करंज, चिरौंजी और कुसुम बीज से उपज का प्रशिक्षण दिया जायेगा. गुमला, पूर्वी सिंहभूम, सिमडेगा, खूंटी, लातेहार एवं हजारीबाग जिलों के 12 प्रखंडों में इस कार्यक्रम को चलाया जायेगा, जिससे लगभग 12,500 घर लाभांवित होंगे.कार्यशाला में परियोजना के बारे में बारीकी से जानकारी दी गयी और तीन पैनल डिस्कशन द्वारा  परियोजना के विभिन्न पहलुओं  जैसे- गरीबों के लिए स्थायी आय प्रदान करने के लिए वन उत्पाद का एकत्रीकरण, बिक्री, संस्थागत व्यवस्था में कानूनी पहलू, झारखंड में चयनित औषधीय पौधों/एनटीएफपी को बढ़ावा देने के लिए राज्य में अभिसरण अवसर एवं झारखंड में चयनित औषधीय पौधों की मार्केट क्षमता, अर्थशास्त्र और विस्तार के अवसर और अन्य चुनौतियों के बारे में चर्चा की गयी. कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों ने भी अपने सुझाव और सवाल रखें. इस अवसर पर वन विभाग के मैनेजिंग डायरेक्टर एचएस गुप्ता, जेएसएलपीएस के सीओओ विष्णु सी परिदा, महिला किसान सशक्तीकरण परियोजना के राज्य कार्यक्रम प्रबंधक आरीफ अख्तर समेत काफी संख्या में लोग उपस्थित थे.  
(लेखक जेएसएलपीएस की यंग प्रोफेशनल, मीडिया एवं कम्युनिकेशन है.)
 
ज्योति रानी