aadhi aabadi

  • Apr 2 2019 4:38PM

ग्रामीण महिलाएं अब आजीविका जनसेवा केंद्र से देंगी डिजिटल सेवा

ग्रामीण महिलाएं अब आजीविका जनसेवा केंद्र से देंगी डिजिटल सेवा

पंचायतनामा डेस्क

झारखंड की सखी मंडल की महिलाओं को सशक्त करने व सुदूर गांवों तक डिजिटल सेवा पहुंचाने के उद्देश्य से एसएचजी सदस्यों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. राजधानी रांची के तुपुदाना स्थित सप्तर्षि भवन में पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल साक्षर बनाना है, ताकि सुदूर गांवों तक ग्रामीणों को आसानी से डिजिटल सेवा उपलब्ध कराया जा सके. प्रज्ञा केंद्र और सीएससी की तर्ज पर जेएसएलपीएस द्वारा आजीविका जनसेवा केंद्र की शुरुआत की गयी है, जहां से ग्रामीणों को एक छत के नीचे कई तरह की सेवाएं प्रदान की जायेगी. प्रशिक्षण कार्यक्रम में पश्चिमी सिंहभूम, लोहरदगा, गिरिडीह और रांची जिले के कुल 22 कलस्टर की 40 सदस्य शामिल हुईं.

आजीविका जनसेवा केंद्र का उद्देश्य
ग्रामीणों को जाति-आवासीय प्रमाण पत्र बनवाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. प्रज्ञा केंद्र संचालकों का रवैया भी संतोषजनक नहीं रहता है. इन्हीं परेशानियों को देखते हुए राज्य के 14 जिले में आजीविका जनसेवा केंद्र खोले जा रहे हैं. प्रत्येक कलस्टर में एक आजीविका जनसेवा केंद्र की स्थापना की जायेगी. जनसेवा केंद्र में फिलहाल जो सुविधाएं दी जा रही हैं, उन सुविधाओं का विस्तार भी किया जायेगा. साथ ही इस केंद्र के जरिये ग्रामीण उत्पाद और किसानों की फसलों को ऑनलाइन बाजार देने का प्रयास किया जायेगा. महिला समूह की ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार देकर उन्हें आर्थिक तौर पर और सशक्त किया जायेगा.

ग्रामीणों को मिलेगा लाभ
कलस्टर लेवल पर आजीविका जनसेवा केंद्र खुल जाने से ग्रामीण महिलाओं को काफी लाभ मिलेगा. एक कलस्टर में चार से पांच पंचायत होते हैं. इतनी बड़ी आबादी के लिए फोन रिचार्ज करना, डीटीएच रिचार्ज करने जैसी सुविधाएं एक छत के नीचे दिला पाना मुश्किल है. ग्रामीण क्षेत्रों में तो स्थिति और खराब है, क्योंकि रिचार्ज कराने के लिए भी ग्रामीणों को काफी दूर जाना पड़ता है. पैन कार्ड बनाने के लिए सुदूर गांवों के लोगों को काफी परेशानी होती है. इस कारण से वो पैन कार्ड भी नहीं बना पाते हैं.

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आजीविका जनसेवा केंद्र में उपलब्ध सेवाएं
1. मोबाइल व डीटीएच रिचार्ज एवं पोस्टपेड रिचार्ज
2.
बीमा : मोटरसाइकिल, कार और स्वास्थ्य बीमा
3.
पैन कार्ड बनाने की सुविधा
4.
बिजली बिल भुगतान
5.
झारसेवा के अंतर्गत आनेवाली सेवाएं (जाति, आवासीय, आय व जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र)
6.
वीजा बनाने का कार्य
7.
एइपीएस : आधार आधारित भुगतान
8.
एलआइसी : (माइक्रो एलआइसी)
9.
म्यूचुअल फंड ( रिलायंस व एसबीआइ)
10.
एयर टिकट
11.
रेलवे टिकट

राज्य में 88 केंद्र संचालित
झारखंड में करीब 88 आजीविका जनसेवा केंद्र संचालित हैं. जेएसएलपीएस ने अप्रैल 2019 तक 200 और नये केंद्र खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया है. वर्ष 2020 तक पूरे झारखंड में 300 जनसेवा केंद्र खोले जाने की योजना है.

जिलावार आजीविका जनसेवा केंद्र की स्थिति
जिला                                          केंद्र की संख्या
रांची                                                  10
खूंटी                                                  10
पलामू                                                  9
लोहरदगा                                              8
गोड्डा                                                 7
पाकुड़                                                  7
गुमला                                                  6
बोकारो                                                6
रामगढ़                                                5
पश्चिमी सिंहभूम                                     5
हजारीबाग                                            4
दुमका                                                 4
लातेहार                                               4
सिमडेगा                                              3

गोड्डा बना मॉडल केंद्र
इनमें से गोड्डा के रोशनी बहू पंचायत कलस्टर स्थित आजीविका जनसेवा केंद्र एक मॉडल केंद्र की तरह कार्य कर रहा है. केंद्र से अभी तक 250 पैन कार्ड बनाये गये हैं. झारसेवा के तहत 120 प्रमाण पत्र बनाये गये हैं. आधार आधारित भुगतान के तहत 70 हजार रुपये का लेन-देन हुआ है. 50 बीमा भी केंद्र से किये गये हैं.

प्रक्षिणार्थियों की राय
1.
ग्रामीणों को मिलेगी राहत : इदन भेंगरा
पश्चिमी सिंहभूम के मनोहरपुर प्रखंड अंतर्गत बरंगा कलस्टर से आयीं इदन भेंगरा ने बताया कि उनके कलस्टर में ग्रामीणों को प्रमाण पत्र बनाने में काफी परेशानी होती है. अब आजीविका जनसेवा केंद्र खुल जाने से ग्रामीणों को काफी राहत मिलेगी और अधिक पैसे भी नहीं देने पड़ेंगे.

2. अब इंटरनेट का होगा भरपूर इस्तेमाल : बबीता देवी
मनोहरपुर प्रखंड के नंदपुर कलस्टर से आयीं बबीता देवी कहती हैं कि उनके कलस्टर में पैन कार्ड, प्रमाण पत्र और बीमा कराने में ग्रामीणों को बहुत परेशानी होती है. अब इस केंद्र के माध्यम से कई समस्याओं का हल आसानी से हो जायेगा. ग्रामीणों को झारसेवा के तहत दी जानेवाली सुविधाएं मुफ्त में दी जायेंगी. इससे गरीब महिलाओं को काफी राहत मिलेगी.

3. महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार : सुलेखा देवी
गिरिडीह जिला स्थित कर्णपूरा कलस्टर के शिवम आजीविका महिला समूह की बुक कीपर सुलेखा देवी कहती हैं कि प्रशिक्षण मिलने के बाद समूह की महिलाओं को रोजगार का साधन मिल जायेगा. प्रमाण पत्र बनावाने के लिए अब समूह की महिलाओं को अधिक पैसे नहीं देने होंगे.

4. अब और सशक्त होंगी महिलाएं : रितू देवी
गिरिडीह जिला अंतर्गत पौरेया कलस्टर के मां मनसा आजीविका महिला समूह की सदस्य रितू देवी ने कहा कि आजीविका जनसेवा केंद्र का जिम्मा महिला समूह की महिलाओं को दिया जा रहा है. इसकी बदौलत समूह की महिलाएं सशक्त होंगी और इसके जरिये गांव की दूसरी महिलाओं तक भी सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच पायेगा.

5. ग्रामीणों को मिलेंगी सुविधाएं : निशा कुमारी
लोहरदगा जिले के ज्ञान ज्योति कलस्टर से आयीं निशा कुमारी ने कहा कि यहां जो प्रशिक्षण मिल रहा है, उसके जरिये कल्याणकारी योजनाओं का लाभ महिलाओं को दिलाया जायेगा. इसका लाभ ग्रामीण बच्चों को भी मिलेगा. प्रज्ञा केंद्र में ग्रामीणों को पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पाती है.

6. सुदूर गांवों तक मिलेगी डिजिटल सेवा : मंजू गगराई
पश्चिमी सिंहभूम के गोइलकेरा प्रखंड से आयीं मंजू गगराई बताती हैं कि उन्हें तथा उनके आस-पास के ग्रामीणों को बेहतर डिजिटल सेवाएं नहीं मिल पाती हैं. प्रमाण पत्र बनाने के लिए उन्हें पैदल काफी दूर जाना पड़ता है. इसके बाद भी एक दिन में काम नहीं हो पाता है और सही समय पर प्रमाण पत्र नहीं मिल पाता है. बीमा कराने के लिए व बिजली बिल भरने में काफी परेशानी होती है. इस केंद्र के होने से समस्याओं का समाधान हो जायेगा.