aadhi aabadi

  • May 15 2019 11:47AM

बुरे दौर से रीता निकलीं बाहर

बुरे दौर से रीता निकलीं बाहर

आशा तिग्गा
प्रखंड: मनोहरपुर
जिला: पश्चिमी सिंहभूम

पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड अंतर्गत चिड़िया गांव की रीता गोप आज बुरे दौर से बाहर निकल चुकी हैं. बच्चे बड़े हो गये हैं और अच्छी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं. एक वक्त था जब रीता गोप पति की मौत के बाद टूट चुकी थीं. बच्चे काफी छोटे थे और पति का देहांत हो गया था. इस दौरान मायके से काफी सहयोग मिला. मां और भाई हर काम में सहयोग देते थे. इसके बावजूद रीता की आर्थिक तंगी बरकरार थी. रीता और उनके बच्चों की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही थीं. इसी बीच उन्हें स्वयं सहायता समूह की जानकारी मिली. जानकारी मिलने करने के बाद रीता ऊषा स्वयं सहायता समूह से जुड़ गयीं और बचत करने लगीं. हालांकि रीता के पास बचत करने के लिए भी पैसे नहीं थे.

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इसके बावजूद रीता समूह से 1 हजार रुपये लोन लेकर एक दुकान खोलीं. इसी दुकान से होनेवाली आमदनी की बदौलत रीता हर महीने बचत करने करने लगीं. धीरे-धीरे आमदनी बढ़ने लगी. इसके बाद रीता ने एक गाय लेने का निश्चय किया. उन्होंने पहला लोन चुका कर एक गाय खरीदी. जिससे हर महीने उन्हें 6 हजार रुपये की आमदनी होने लगी. अब रीता के पास तीन गाय है. बेटा मनोहरपुर से प्लस-टू की पढ़ाई कर रहा है वहीं बेटी टाटा वुमेंस कॉलेज में पढ़ रही है. इस तरीके से रीता गोप खुद को बुरे वक्त और गरीब से बाहर निकाल कर आगे बढ़ रही हैं. साथ ही ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में सहयोग भी करने लगी है