aadhi aabadi

  • Nov 28 2019 5:27PM

झारखंड की गोल्डन गर्ल प्रियंका केरकेट्टा

झारखंड की गोल्डन गर्ल प्रियंका केरकेट्टा

पंचायतनामा टीम
जिला: रांची 

अक्तूबर 2019 में रांची के खेलगांव में आयोजित 59वीं ओपन नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रांची के मांडर की प्रियंका केरकेट्टा ने स्वर्ण पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया है. इस चैंपियनशिप में देश के विभिन्न राज्यों के अलावा मलेशिया के एथलीट भी शामिल थे. गृह राज्य झारखंड में खेल का आयोजन होने के बावजूद झारखंड के लिए मेडल का सूखा पड़ा हुआ था. ऐसे में झारखंड के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरी प्रियंका केरकेट्टा ने लॉन्ग जंप प्रतिस्पर्द्धा में अपना बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण पदक अपने नाम किया. इसके साथ ही प्रियंका ने साबित कर दिया कि विपरीत परिस्थितियों में भी बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है. इस स्वर्ण पदक के साथ ही प्रियंका ने झारखंड के खेलप्रेमियों की उम्मीदों को जिंदा रखा.

लोयो से नेपोली तक का सफर

प्रियंका का जन्म रांची के मांडर प्रखंड के लोयो गांव में एक किसान परिवार के घर हुआ. नवाटांड़ प्राथमिक विद्यालय में शुरुआती शिक्षा मिली. बचपन से ही खेल के प्रति झुकाव के कारण नवाटांड़ के ही ब्रदर केलिफ ने इनकी प्रतिभा को पहचाना और उसे निखारना शुरू किया. प्रियंका बताती हैं कि उनकी खेल प्रतिभा और क्षमता को देखकर ब्रदर कैलिफ ने उन्हें कोचिंग देना शुरू किया. वह उनके पहले कोच बने. इसके बाद वर्ष 2009-10 में स्कूल में आयोजित वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता में प्रियंका को पहला स्वर्ण पदक मिला. यहीं से उनके स्वर्ण पदक जीतने के सफर की शुरुआत हुई. इसके बाद वर्ष 2010-11 में आयोजित आठवीं कक्षा में प्रखंड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में प्रियंका ने फिर से स्वर्ण पदक अपने नाम किया. यहां से उनका चयन जिला स्तर पर खेलने के लिए हुआ. 2010-11 में ही खेलगांव में आयोजित जिलास्तरीय प्रतियोगिता में कांस्य पदक मिला. वर्ष 2013 में उनका चयन साई में हुआ. अभी वो हर रोज साई में अभ्यास करती हैं. विभिन्न प्रतियोगिता में शामिल होते हुए प्रियंका इटली के नेपोली तक का सफर तय कर चुकी हैं.

कायम है 2017 का रिकॉर्ड

साई में रहते हुए 2013 में राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने के बाद वर्ष 2014 में प्रियंका ने जूनियर नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप, विजयवाड़ा में भाग लिया और स्वर्ण पदक हासिल कीं. इसके बाद वर्ष 2016 में 14वीं फेडरेशन जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप, बेंगलुरू में स्वर्ण पदक अपने नाम किया. वर्ष 2016 में ही वियतनाम में आयोजित जूनियर एशियन चैंपियनशिप में 10वां स्थान हासिल किया. 2017 में 13वीं फेडरेशन जूनियर चैंपियनशिप, लखनऊ में प्रियंका ने 6.30 मीटर की लंबी छलांग लगायी, जो अभी तक अंडर 20 में फेडरेशन और जूनियर चैंपियनशिप की रिकॉर्ड छलांग है. इस रिकॉर्ड को अभी तक कोई एथलीट नहीं तोड़ पाया है. वर्ष 2018 में प्रियंका ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शामिल हुईं, वहां रजत पदक जीतने के बाद उनका चयन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप के लिए हो गया. 03-14 जुलाई, 2018 तक वर्ल्ड यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में शामिल हुईं. वहां उन्हें 12वां स्थान मिला. इसका आयोजन इटली के नेपोली में हुआ था.

कोच पर पूर्ण विश्वास है जीत का मूलमंत्र : प्रियंका केरकेट्टा

एथलीट प्रियंका बताती हैं कि अब तक उनके सफर में परिवार वालों का काफी सहयोग रहा. परिवार वाले काफी प्रोत्साहित करते हैं. अपने कोच पर पूर्ण विश्वास ही जीत का मूलमंत्र है. छोटे से गांव लोयो से निकलकर आज मेरी खुद की पहचान है. इसके पीछे कोच का महत्वपूर्ण योगदान है. आगे की योजना को लेकर प्रियंका कहती हैं कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना उनका लक्ष्य है.