aadhi aabadi

  • Sep 4 2018 3:43PM

महिलाओं को सशक्त कर रही रघुवर सरकार

महिलाओं को सशक्त कर रही रघुवर सरकार

आजीविका डेस्क

झारखंड में महिलाओं का सशक्तीकरण. रघुवर सरकार के लिए यह सिर्फ नारा नहीं, बल्कि एक लक्ष्य है. यह देश का पहला राज्य है, जहां 50 लाख रुपये तक की जमीन या मकान खरीदने पर महिलाओं को रजिस्ट्री के लिए सिर्फ एक रुपया ही देना पड़ता है. अब तक 55 हजार से अधिक महिलाएं मात्र एक रुपये में रजिस्ट्री करवा कर मकान मालकिन बन चुकी हैं. पहले महिलाओं के नाम पर किसी संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर निबंधन व स्टांप शुल्क में 10-10 फीसदी छूट का प्रावधान था. महिलाओं के लिए मात्र एक रुपये में रजिस्ट्री कराने के रघुवर सरकार के निर्णय के बाद भले ही राज्य के राजस्व पर असर पड़ा हो, लेकिन राज्य की महिलाओं में गजब का उत्साह बढ़ा है. महिलाएं इसे तहे दिल से स्वीकार करते हुए रघुवर सरकार को धन्यवाद दे रही हैं. राज्य सरकार का यह कदम सराहनीय है, जिसका लाभ राज्य की महिलाओं को मिल रहा है.

महिलाओं में बढ़ा आत्मविश्वास
राज्य के अधिकतर हिस्सों में जमीन-जायदाद की खरीद-फरोख्त में आमतौर पर महिलाओं को हिस्सेदार नहीं बनाया जाता था. खासकर आदिवासी इलाकों में इस पर अधिक ध्यान नहीं दिया जाता था, लेकिन अब इसमें बदलाव आया है. महिलाओं के नाम संपत्ति होने से उसे बेचने या नहीं बेचने के बारे में खुल कर फैसला ले पायेंगी. इससे घर व समाज में उनकी हिस्सेदारी व दावेदारी भी बढ़ेगी. इस तरह सरकार के एक फैसले से महिलाएं अब पहले के मुकाबले आर्थिक रूप से अधिक सबल होंगी. इससे उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ा है.

केंद्र ने भी सराहा
वित्तीय वर्ष 2016-17 में राज्य में करीब 540 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली हुई थी. इसमें आधी रजिस्ट्री महिलाओं के नाम पर थी. इस बार राजस्व वसूली का लक्ष्य भी अधिक रखा गया था. महिलाओं के नाम पर इतनी अधिक छूट देने से इसके सकारात्मक परिणाम भी दिखे. पहले के मुकाबले महिलाओं के नाम पर संपत्ति की अधिक खरीद हुई. इस कार्य को केंद्र ने भी सराहा. नयी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ हुई भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में अन्य मुख्यमंत्रियों ने भी इस योजना में रुचि दिखाते हुए इस पर अमल करने इच्छा जतायी है.

यह भी पढ़ें: कुपोषणमुक्त झारखंड के लिए सखी मंडल का सहयोग जरूरी

हर क्षेत्र में महिलाएं आगे
राज्य में महिलाओं को पुलिस की नियुक्ति में 33 फीसदी आरक्षण दिया गया है. इसके तहत 1131 महिलाओं को आरक्षी पद पर नियुक्त किया जा चुका है. अगस्त 2018 में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 2645 पुलिस अवर निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया. इसमें 223 महिलाएं हैं. इन महिलाओं को मुख्यमंत्री रघुवर दास ने नियुक्ति पत्र सौंपते हुए कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे हैं.

उज्ज्वला योजना लागू करनेवाला पहला राज्य
झारखंड देश का पहला राज्य है, जहां प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सिलेंडर के साथ गैस चूल्हा मुफ्त दिया जा रहा है. पहली बार गैस भरवाने का खर्च भी सरकार देती है. अब तक साढ़े तेरह लाख महिलाओं को सिलेंडर उपलब्ध कराया गया है. साथ ही सखी मंडलों के जरिये 16 लाख से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है.

महिलाओं के स्वास्थ्य पर भी विशेष जोर
जच्चा-बच्चा को स्वस्थ रखने के उद्देश्य से देश भर में जननी व शिशु सुरक्षा कार्यक्रम चलाया जा रहा है. झारखंड में भी इस कार्यक्रम को पर्याप्त सफलता मिली है. इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं को प्रसव के बाद 1400 रुपये और शहरी क्षेत्र में 1000 रुपये की राशि प्रदान की जाती है. अगर बच्चा कुपोषण से ग्रसित हो, तो इसके लिए भी व्यवस्था की जाती है. कुपोषण उपचार केंद्र में उपचार करवाने की भी सरकार की ओर से पूरी व्यवस्था है. इसके लिए बच्चे की मां को हर दिन सौ रुपये देने के अलावा 15 दिनों तक केंद्र में भी रहने की व्यवस्था की जाती है. इस दौरान बच्चे व उसकी मां को दवाएं और पौष्टिक आहार भी दिये जाते हैं.

यह भी पढ़ें: झारखंड के पारंपरिक पकवानों से हुई अच्छी आमदनी


लड़कियों को प्रोत्साहित करती कई योजनाएं
मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाडली योजना में सरकार के द्वारा बच्ची के नाम पर डाकघर में हर साल पांच हजार रुपये की राशि पांच साल तक जमा की जाती है. इससे मिलनेवाले ब्याज से बच्ची के छठी कक्षा में पहुंचने पर दो हजार रुपये, नौवीं कक्षा में पहुंचने पर चार हजार रुपये और 11वीं में पहुंचने पर साढ़े सात हजार रुपये देने की व्यवस्था की गयी है. 11वीं और 12वीं में हर माह दो सौ रुपये छात्रवृत्ति भी दी जाती है. इसके अलावा बच्ची को सरकारी विद्यालय में नि:शुल्क पढ़ाने की भी व्यवस्था है. किसी कारण से बच्ची की पढ़ाई छूटने पर राज्य सरकार द्वारा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में पढ़ाने की भी व्यवस्था है. पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में भी इस विद्यालय की छात्राओं को उल्लेखनीय सफलता हासिल हुई हैं. इससे राज्य का मान बढ़ा है. इस योजना से बड़ी संख्या में राज्य की बालिकाओं को काफी लाभ हुआ है.

मुख्यमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना से छात्राओं को मिलता लाभ
एससी, एसटी और ओबीसी के लिए राज्य में आवासीय विद्यालयों की स्थापना की गयी है. राज्य की अनुसूचित जाति व जनजाति की बालिकाओं के लिए मुख्यमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना की शुरुआत की गयी है. आर्थिक कारणों से पढ़ाई से वंचित बालिकाओं के लिए राज्य में इस योजना की शुरुआत से काफी लाभ हुआ है. इसका फायदा बड़ी तादाद में छात्राओं को हो रहा है.

सखी मंडल से बदलते गांव
रघुवर सरकार की प्राथमिकता का ही नतीजा है कि आज राज्य में करीब एक लाख पचास हजार सखी मंडल के जरिये करीब 19 लाख महिलाएं अपनी आजीविका को सशक्त कर रही हैं. महिलाएं आज अपने संगठन के जरिये हर क्षेत्र में हाथ आजमां रही हैं और अच्छी आय प्राप्त कर रही हैं. पशु सखी, बैंक दीदी, कृषक मित्र, टैबलेट दीदी ये वो नाम है, जो आज गांवों में सखी मंडल के जरिये हो रहे बदलाव की सूचक है. राज्य में करीब सात हजार महिला ग्राम संगठन के जरिये भी अब ग्रामीण महिलाएं बड़े बदलाव एवं ग्राम विकास के लिए कार्य कर रही है. स्वच्छ भारत मिशन हो या कृषि विभाग की योजनाएं सखी मंडल के जरिये सही लाभुक का चयन एवं सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन भी अब आसान हुआ है. महिला शक्ति बदलते झारखंड को न्यू झारखंड बनाने के लिए सखी मंडल के जरिये लगातार प्रयास कर रही है.

राज्य की महिलाओं को जोहार योजना के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाये जाने की योजना बनी है. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है. महिला सशक्तीकरण की दिशा में मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा उठाये गये कदम प्रधानमंत्री के विजन को पूरा कर रहे हैं और पूरे देश में राज्य सरकार की योजनाओं की तारीफ की गयी है.