aadhi aabadi

  • Dec 5 2018 4:44PM

हुनर से जसमती ने भरी सुरक्षा प्रहरी की उड़ान

हुनर से जसमती ने भरी सुरक्षा प्रहरी की उड़ान

 कौशल विकास से झारखंड के युवाओं की जिंदगी बदल रही है. छोटे गांव के युवक-युवतियां भी बड़े शहरों में हुनर का दम दिखा रहे हैं. हमारी बेटियां भी इसमें पीछे नहीं हैं. वह भी हुनर का कमाल दिखा रही हैं. हुनर के बल पर वह अपने सपने पूरे कर रही हैं. आत्मनिर्भरता से न सिर्फ बेटियां खुश हैं, बल्कि उनके परिवार को भी उन पर नाज है. पढ़िए दो बेटियों की सफलता की कहानी

हुनर का रंग पक्का है. आप छोटे गांव से हैं या बड़े शहर से. हुनर अपना कमाल दिखा ही देता है. वह किसी स्थान विशेष का मोहताज नहीं होता. आप छोटी जगह से भी लंबी उड़ान भर सकते हैं. सिमडेगा की हुनरमंद जसमती कुमारी ने सुरक्षा प्रहरी के रूप में कार्य कर इसे साबित कर दिया है.

हुनर से बदल गयी जिंदगी
झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी द्वारा राज्य के युवक-युवतियों को उनकी रुचि के क्षेत्र में प्रशिक्षित कर हुनरमंद बनाया जा रहा है. इसके बाद उन्हें रोजगार से जोड़ दिया जाता है. झारखंड के कई युवक-युवतियों ने पसंदीदा ट्रेड में प्रशिक्षण लेकर अपनी जिंदगी बदल ली है. इनमें एक नाम सिमडेगा की जसमती कुमारी का भी है. जसमती ने हौसले और हुनर की बदौलत अपनी जिंदगी को नयी उड़ान दी है.

हुनर का कमाल देखिए
झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी के तहत दीनदयाल उपाध्याय कौशल केंद्र का संचालन किया जा रहा है. रांची सिक्यूरिटी का गुमला जिले के मरदा स्थित श्रीधर ज्ञान संस्थान प्रशिक्षण केंद्र है. यह उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र है. यहां युवक-युवतियों को प्रशिक्षित किया जाता है. सिमडेगा जिले के बनारिया जैसे उग्रवाद प्रभावति गांव की रहनेवाली जसमती कुमारी ने इसी प्रशिक्षण केंद्र से सुरक्षा प्रहरी का प्रशिक्षण लिया था. इसके बाद जसमती कुमारी को रोजगार से जोड़ दिया गया. आज सुरक्षा प्रहरी के रूप में सेवा कर वह खुश हैं.

निफ्ट की कर रहीं सुरक्षा
पटना की इशरत नबी सिक्यूरिटी एजेंसी द्वारा जसमती कुमारी का चयन सुरक्षा प्रहरी के रूप में किया गया. एजेंसी द्वारा उन्हें राष्ट्रीय फैशन टेक्नोलॉजी संस्थान, पटना में सुरक्षा प्रहरी के रूप में कार्य करने का मौका दिया गया. जसमती को 16,500 रुपये सैलरी मिल रही है. जसमती नौकरी सहित अच्छी सैलरी मिलने से काफी खुश हैं. जसमती प्रशिक्षण प्राप्त कर नौकरी मिलने का सारा श्रेय झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी को देती है.

तबस्सुम पर आज परिवार को है नाज

हुनर के संग, आप जीवन में रंग भर सकते हैं. अपनी जिंदगी को नयी उड़ान दे सकते हैं. रामगढ़ की तबस्सुम नाज हुनरमंदों के लिए प्रेरणा हैं. वह कस्टमर सर्विस प्रतिनिधि के रूप में सेवा दे रही हैं. इनकी सफलता पर आज इनके परिवार को नाज है.

हुनर से बढ़ा हौसला
रामगढ़ की तबस्सुम नाज नौकरी की तलाश कर रही थीं. उस दौरान उन्होंने झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी के तहत पीटीपीएस कॉलेज, पतरातू द्वारा आइएल एंड एफएस स्किल के तहत एक्सेल का प्रशिक्षण लिया. फरवरी 2018 में उन्होंने रजिस्ट्रेशन कराया और प्रशिक्षण के बाद खुद को अच्छी तरह हुनरमंद बना लिया. इससे उनका हौसला बढ़ा. इसी हौसले के साथ वह आगे बढ़ती रहीं.

बेहतर प्रशिक्षण का मिला फायदा, मेहनत रंग लायी
तबस्सुम बेहतर प्रशिक्षण और प्रोत्साहन के लिए अभिषेक, अवनिश और संदीप सर के प्रति आभार प्रकट करती हैं. प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने पूरी मेहनत की. अंग्रेजी, साक्षात्कार, कंप्यूटर और वित्तीय मामले की जानकारी समेत अन्य की अच्छी तरह तैयारी कीं. नतीजा आज सामने है.

हुनर से मिली नौकरी
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद हुनरमंद तबस्सुम नाज ने रांची के आरोहन फिनांसियल सर्विसेज लिमिटेड में साक्षात्कार दिया. जहां कस्टमर सर्विस प्रतिनिधि (ऑपरेशन डिपार्टमेंट) के रूप में उनका चयन किया गया. सालाना पैकेज 2,10,753 रुपये पर इनकी नियुक्ति हुई. इस तरह उसे हर महीने 17,500 रुपये की सैलरी मिल रही है. वह रामगढ़ में ही सेवा दे रही हैं.

मध्यवर्गीय परिवार से हैं तबस्सुम
तबस्सुम नाज स्नातक पास हैं. रामगढ़ जिले के पतरातू ब्लॉक की रहनेवाली हैं. वह मध्यवर्गीय परिवार से आती हैं. उनके पिता पतरातू के एनटीपीसी में कार्यरत हैं. स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें नौकरी की तलाश थी. हुनर के बल पर आज वह आत्मनिर्भर बन गयी हैं. इस पर उनके पूरे परिवार को फख्र है.

हुनर से बदल गयी जिंदगी
तबस्सुम कहती हैं कि इस साल घर पर मनाई गयी ईद हमेशा याद रहेगी. इस खुशी को मैं जीवन में कभी भी नहीं भूल पाऊंगी. नौकरी मिलने की खुशी थी और अपने परिवार के साथ ईद मनाने का मौका था. ऐसे सुखद पल बेशकीमती हैं. इसे मैं कैसे भूल सकती हूं. ऐसी खुशियां जीवन में कम ही आती हैं. हुनर से मेरी जिंदगी बदल गयी.

कौशल विकास विशेष
कौशल विकास से झारखंड के युवाओं के सपने साकार हो रहे हैं. आप हुनरमंद बनकर अपने करियर को नयी उड़ान दे सकते हैं. झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी बाजार की मांग के अनुसार युवाओं के कौशल का विकास कर उन्हें रोजगार से जोड़ रही है.

इन ट्रेडों में ले सकते हैं प्रशिक्षण
वस्त्र उद्योग, ऑटोमोबाइल्स, प्लंबिंग, सिक्योरिटी, आइटी आइटीइएस, इलेक्ट्रॉनिक्स, हेल्थ केयर, ब्यूटी वेलनेस कॉल सेंटर एक्जीक्यूटिव, इंस्ट्रूमेंटेशन ऑटोमेशन सर्विलेंस एंड कंट्रोल, फील्ड टेक्नीशियन, सिलाई, वेल्डिंग, फिटर, डाटा इंट्री ऑपरेटर, मेडिकल लेबोरेट्री टेक्नीशियन, जेनरल ड्यूटी असिस्टेंट, रिटेल सेल्स एसोसिएट, इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन, हेयर स्टाइलिस्ट, मेकअप आर्टिस्ट, हैंडसेट रिपेयर इंजीनियर समेत कई ट्रेड हैं.

नि:शुल्क कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था

न्यूनतम योग्यता है पांचवीं पास
आवासीय एवं गैर आवासीय सुविधा
दिव्यांग उम्मीदवारों को प्रशिक्षण में प्राथमिकता
12
वीं पास कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए एक्सेल योजना के अंतर्गत कौशल प्रशिक्षण की सुविधा
प्रशिक्षण के बाद कम से कम 70 फीसदी सफल प्रशिक्षणार्थियों की नियुक्ति
लगभग 20 क्षेत्रों में प्रशिक्षण की सुविधा
एक्सेल योजना के तहत प्रमुख जिलों के 100 कॉलेजों से करार प्रक्रियाधीन
आइटीआइ सिंगापुर के सहयोग से ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स अकादमी की स्थापना
रजिस्ट्रेशन के लिए अभ्यर्थी hunar.jharkhand.gov.in पर लॉग ऑन कर सकते हैं
अपने क्षेत्र के प्रशिक्षण प्रदाता से संबंधित जानकारी के लिए www.skilljharkhand.org पर लॉग इन कर प्राप्त कर सकते हैं
विस्तृत जानकारी के लिए कॉल सेंटर के नि:शुल्क नंबर 18001233444 पर भी फोन कर सकते हैं
हुनर के पोर्टल (hunar.jharkhand.gov.in) पर भी जाकर विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं