aadhi aabadi

  • Oct 17 2018 2:12PM

ग्रामीण विकास व कृषि को प्राथमिकता दे रही सरकार

ग्रामीण विकास व कृषि को प्राथमिकता दे रही सरकार

आजीविका डेस्क

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने ग्रामीण विकास विभाग की सूक्ष्म टपक सिंचाई परियोजना का शुभारंभ किया. इस मौके पर आजीविका मिशन के अंतर्गत सामुदायिक समन्वयकों को नियुक्ति पत्र सौंपा एवं स्किल डीड कोर्स के प्रशिक्षण की विधिवत शुरुआत की. उन्होंने कहा कि देश की आत्मा गांव में बसती है. गांव विकसित होगा, तभी राज्य एवं देश समृद्ध होगा. वर्ष 2022 तक झारखंड को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाकर खड़ा करना सरकार की प्राथमिकता है. सही रूप में झारखंड के गांव विकसित हों, इसके लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा गांव, गरीब, किसान एवं युवाओं को फोकस करते हुए योजनाओं का संचालन किया जा रहा है. राज्य में किसानों की आय दोगुनी हो सके, इस दिशा में सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. सूक्ष्म टपक सिंचाई पद्धति कार्यक्रम की शुरुआत राज्य के नौ जिलों के 30 प्रखंडों में की गयी. आजीविका विकास कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए 230 सामुदायिक समन्वयकों को नियुक्ति पत्र दिया गया. मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास विभाग की दो पुस्तिकाओं का विमोचन किया. इस अवसर पर विशेष सचिव सह जेएसएलपीएस के सीइओ परितोष उपाध्याय, स्पेशल डायरेक्टर पंचायती राज (हैदराबाद) संध्या गोपा कुमारन, प्रतिनिधि जेआइसीए अनुराग सिन्हा, जेएसएलपीएस की अंकिता सिन्हा, सामुदायिक समन्वयक, दीनदयाल कौशल विकास से जुड़े विद्यार्थी समेत काफी संख्या में लोग उपस्थित थे.

उन्नत किसान बनाने की कोशिश
राज्य के किसानों को प्रशिक्षण देकर आधुनिक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. सूक्ष्म टपक सिंचाई पद्धति अपना कर किसानों को खेती करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. उन्नत कृषि के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने पर जोर दिया जा रहा है. राज्य के किसान ऑर्गेनिक खेती की ओर अधिक से अधिक ध्यान दें, तो किसानों को दोहरा लाभ मिलेगा. राज्य में जोहार योजना के तहत किसानों को आधुनिक खेती एवं कम पानी में उन्नत खेती करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाएं सामुदायिक समन्वयक
किसानों को जागरूक करने के लिए सामुदायिक समन्वयक अपनी जिम्मेदारी समझें. उन्हें आधुनिक खेती के लिए प्रेरित करें. साथ ही राज्य सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं से किसानों को जोड़ें. राज्य के किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में समन्वयक की भूमिका महत्वपूर्ण साबित होगी.

महिलाएं आगे बढ़ेंगी, तो देश आगे बढ़ेगा
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य में महिला स्वयं सहायता समूह की बड़ी फौज है. महिला स्वयं सहायता समूह की दीदियां संगठित होकर जिंदगी में बदलाव लाने का काम कर रही हैं. सखी मंडल से जुड़ी महिलाओं को राज्य सरकार द्वारा स्मार्ट फोन भी दिया जा रहा है. स्मार्ट फोन का उपयोग कर महिलाएं सूचना एवं जानकारियों को इंटरनेट के माध्यम से आसानी से आदान-प्रदान कर पा रही हैं.

राज्य की बच्चियों में क्षमता की नहीं है कमी
ग्रामीण क्षेत्रों में रहनेवाली कम पढ़ी-लिखी बच्चियों को कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ने का काम किया जा रहा है. बच्चियों को अपने गांव में ही रोजगार मिले, सरकार इसकी पूरी व्यवस्था कर रही है. आठ-दस हजार रुपये की नौकरी के लिए बच्चियों को पलायन करना पड़ता है, लेकिन अब आठ-दस हजार रुपये की नौकरी के लिए बच्चियों को पलायन करने की जरूरत नहीं है. कम पढ़ी-लिखी ग्रामीण बच्चियों को भी राज्य सरकार प्रशिक्षण दे रही है. प्रशिक्षण के साथ-साथ सारी सुविधाएं भी राज्य सरकार मुहैया करा रही है. राज्य की बच्चियों में क्षमता की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही दिशा में अग्रसर करने की जरूरत है.

गांवों में ही स्वरोजगार की व्यवस्था
राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रहनेवाले युवक-युवतियों को कौशल विकास प्रशिक्षण के माध्यम से प्रशिक्षित कर गांव में ही रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की व्यवस्था की है. ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे उद्योगों का विकास कर रोजगार का सृजन करना ही सरकार का लक्ष्य है.

रंजना ने टपक सिंचाई से गोभी की बंपर पैदावार की, हुई अच्छी कमायी
महिला स्वयं सहायता समूह की रंजना देवी ने मुख्यमंत्री को टपक सिंचाई से होनेवाले लाभ के बारे में बताया. रंजना टपक सिंचाई के माध्यम से इस साल गोभी की खेती में अच्छी कमाई कीं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि के क्षेत्र में किसानों के हित में बेहतर कार्य कर रही है. टपक सिंचाई पद्धति का शुभारंभ किसानों के लिए खुशी की बात है. कांके प्रखंड के कुमरिया गांव के किसानों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री के समक्ष अपना अनुभव साझा किया. इसके साथ ही कुछ सुझाव भी दिये.

इन सामुदायिक समन्वयकों को मिला नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कई युवाओं को सामुदायिक समन्वयक बनने पर बधाई देते हुए नियुक्ति पत्र सौंपा. मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पानेवालों में सिरोज हेंब्रम, काली मुर्मू, गुरुचरण ठाकुर, रूबी कुमारी, बसंत राम, चंद्रशेखर महतो, ममता कुमारी, रोशनी एक्का एवं चंदन कुमार मुख्य थे.

इजराइल दौरे से लौटे किसानों ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात
इजराइल दौरे पर गये राज्य के किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री रघुवर दास से मिला. किसानों ने अपने अनुभव उनसे साझा किये एवं सुझाव दिया. इजराइल में उन्नत कृषि से संबंधित योजनाएं एवं कार्य अनुभव से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया.

गोबर गैस प्लांट व गोबर बैंक बनाने पर जोर
सिंचाई संबंधित छोटी-छोटी योजनाओं को ग्रामीण मिल कर बनाएं. गांव में आदिवासी विकास समिति एवं ग्राम विकास समिति का गठन किया गया है. ग्राम विकास समिति के अंतर्गत सिंचाई से संबंधित छोटी-छोटी योजनाओं को विस्तारित किये जाने पर जोर दिया जा रहा है. राज्य सरकार इन समितियों को सीधे राशि उपलब्ध करा रही है. गांव में गोबर गैस प्लांट एवं गोबर बैंक बनाएं. ऑर्गेनिक खेती में गोबर खाद की महत्वपूर्ण भूमिका होगी. स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत भी गोबर बैंक या गोबर प्लांट का निर्माण करने पर जोर दिया जा रहा है.

ऑर्गेनिक खेती को मिले बढ़ावा : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इजराइल से प्रशिक्षण लेकर लौटे किसानों से कहा कि अपने अनुभवों को दूसरे किसानों से भी साझा करें. राज्य के चार जिले लातेहार, खूंटी, पाकुड़ और रांची में किसान को-ऑपरेटिव सोसाइटी बना कर उन्नत खेती से संबंधित कार्य योजना बनाकर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कार्य प्रारंभ करें. आधुनिक तकनीक का उपयोग कर ऑर्गेनिक खेती पर अधिक जोर दें. खेतों में सोलर फार्मिंग के माध्यम से सिंचाई की व्यवस्था करें. कम पानी में उन्नत खेती की तकनीक किसानों को समझाएं और खेती के लिए प्रेरित करें. ड्रिप पद्धति के तहत कम पानी में बेहतर पैदावार पर जोर दें. उन्होंने कहा कि गांव, गरीब और किसान का जीवन बदलना ही सरकार की प्राथमिकता है. लोगों की सोच बदलेगी, तो हर योजना सफल होगी. कृषि उपकरणों में सरकार 70 फीसदी सब्सिडी किसानों को दे रही है. राज्य में डेयरी सोसाइटी बनाकर दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में भी रोजगार की काफी संभावनाएं हैं. राज्य सरकार डेयरी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गाय भी सब्सिडी के तहत उपलब्ध करा रही है.

किसानों के बीच जागरूकता जरूरी : अविनाश कुमार
ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव अविनाश कुमार ने कहा कि सूक्ष्म टपक सिंचाई पद्धति से किसान आर्थिक रूप से मजबूत बनेंगे. इस विधि का उपयोग कर किसान अपनी फसलों की बर्बादी से निजात पा सकते हैं. सामुदायिक समन्वयक की नियुक्ति से इन्हें आधुनिक तकनीक के बारे में जानकारी मिल सकेगी एवं किसान शिक्षित और जागरूक होंगे.